रविवार, 24 अक्तूबर 2010

पाप का बाप काम, क्रोध और लोभ है, दुर्वासना इसकी बहन है।

पाप का बाप काम, क्रोध और लोभ है, दुर्वासना इसकी बहन है। विवेक रूपी पुरुष की शांति रूपी .... क्रोध जहाँ आए वहीं घुटन पैदा करता है और सबसे पहले क्रोध करने वाले को ही हानि पहुंचाता . ... क्षमा करने वाला अगर अपने क्रोध को रोककर भी बदतमीजी करने वाले को नष Inbox
BK Bhagwan Bhai Tue, Mar 9, 2010 at 3:28 PM

BK BHAGWAN Fri, Mar 19, 2010 at 10:32 AM

BK Bhagwan Bhai Fri, Mar 19, 2010 at 10:38 AM
To: bkbhagwan501@gmail.com, 501bhagwan@gmail.com
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पाप का बाप काम, क्रोध और लोभ है, दुर्वासना इसकी बहन है










पाप का बाप काम, क्रोध और लोभ है, दुर्वासना इसकी बहन है। विवेक रूपी पुरुष की शांति रूपी .... क्रोध जहाँ आए वहीं घुटन पैदा करता है और सबसे पहले क्रोध करने वाले को ही हानि पहुंचाता . ... क्षमा करने वाला अगर अपने क्रोध को रोककर भी बदतमीजी करने वाले को नष्ट कर और उसके पु

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B. K. BHAGWAN, SHANTIVAN, +919414534517, +919414008991

1 टिप्पणी:

  1. इस नए और सुंदर से चिट्ठे के साथ आपका हिंदी ब्‍लॉग जगत में स्‍वागत है .. नियमित लेखन के लिए शुभकामनाएं !!

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